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गर्भावस्था में कब्ज शिकायत।
गर्भकाल के दौरान महिलाओ को अक्सर कब्ज की शिकायत हो जाती है. इसके लिए एक निम्बू को एक गिलास पानी में मिलाकर ऊपर से चार च्मच शहद मिलाकर पी लें। कब्ज़ की शिकायत दूर हो जाएगी। कब्ज़ न रहे ,इसके लिए हरी सब्ज़ियों और मौसम फलों का नियमित सेवन करे।
एक बात और महिलाओ में प्रचलित है की गर्भकाल में स्त्री जो भी वस्तु खाने की इच्छा रखे ,उसे वह वस्तु खा लेनी चाइये। उसकी इच्छा को मारना नहीं चाइये। परन्तु यह धारणा ठीक नहीं। क्योकि यदि अस्वास्य्कार और हानिकारक वस्तु की मांग स्री करती है तो क्या ऐसे वस्तु देना उचित है
शरीर रचना में विकास मस्तिष्क का होता है है,शेष शरीर का बाद में। यदि आरम्भ में ही माता को पोषक तत्व आहार के रूप में नहीं दिए गए तोह आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं की बच्चे की बुद्धि पैर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
बच्चा मनबुद्धि का हो या तीव्र बुद्धि का यह आपके आचार विचार और आहार पर निर्भर करता है.
गर्भकाल के दौरान महिलाओ को अक्सर कब्ज की शिकायत हो जाती है. इसके लिए एक निम्बू को एक गिलास पानी में मिलाकर ऊपर से चार च्मच शहद मिलाकर पी लें। कब्ज़ की शिकायत दूर हो जाएगी। कब्ज़ न रहे ,इसके लिए हरी सब्ज़ियों और मौसम फलों का नियमित सेवन करे।
एक बात और महिलाओ में प्रचलित है की गर्भकाल में स्त्री जो भी वस्तु खाने की इच्छा रखे ,उसे वह वस्तु खा लेनी चाइये। उसकी इच्छा को मारना नहीं चाइये। परन्तु यह धारणा ठीक नहीं। क्योकि यदि अस्वास्य्कार और हानिकारक वस्तु की मांग स्री करती है तो क्या ऐसे वस्तु देना उचित है
शरीर रचना में विकास मस्तिष्क का होता है है,शेष शरीर का बाद में। यदि आरम्भ में ही माता को पोषक तत्व आहार के रूप में नहीं दिए गए तोह आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं की बच्चे की बुद्धि पैर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
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